Monday, July 25, 2016

बाबा

बाबा

बाबा के लिए लिखने जाऊँ तो शब्द कम पर जाते है
बचपन लौट आता है मेरा, आँख भर आते है

छोटे छोटे हाथो ने कि है ना जाने कितनी शरारते
डाँट कभी भी पड़ी नहीं, बाबा सदा मुस्कुराते

शांत स्वभाव ठंडा दिमाग़ सहनशीलता के देवता
कितनी भी कठिन परिस्थिति हो चेहरे पे कभी नहीं दिखता

गणित हो या संगीत हो सब मे रुचि उन्होंने दिखाया
चाई बनाने का सही तारिक भी बाबा ने ही मुझको सिखाया

डगमगाती साइकल के पीछे भागते हुए उन्होंने मेरा डर भगाया
अपने निराले तरीक़े से हर पल मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया

समय के पाबंद है वो समय की क़दर करते है
धूप या बारिश में भी हर काम समय पे करते है

शाम को पूजा करके शंख मैं बजाती थी
फिर देर तक हार्मोनीयम पे संगीत का रियाज़ करती थी

बाबा को मेरा गाना पसंद था वो मेरे साथ गुनगुनाते थे
कभी कभी ख़ुश होने पे वो गाना भी संग गा लेते थे

रिज़ल्ट अच्छा हो या बुरा बाबा मिठाई ज़रूर लाते थे
माँ के डाँट से बचाते थे और माँ को भी माना लेते थे

ना जाने क्यूँ मैं निकल पड़ी पूरा करने सपनो को
रो पड़ती हूँ अकेले में याद करने अपनो को

जीवन के हर निर्णय को ख़ुद लेने का हौसला दिया
पढ़ाई हो या शादी हो मेरे हर ज़िद को पूरा किया

विदाई के वक़्त सबसे पहले बाबा ही रो पड़े
उनको देख के मेरे आँखों से आँसू ख़ुद ही निकल पड़े

आज भी रोती हूँ मैं छुपके जब भी बाबा की याद आती है
क्यूँ मैं इतनी दूर हूँ उनसे सोच के ख़ामोशी छा जाती है

काश मैं कभी बड़ी ना होती ना जाती उनसे दूर
काश जीवन की कोई रीत ना होती ना होती मैं मजबूर

Monday, July 11, 2016

Let's Go Back

Let's Go Back

Let's go back to the days so free,
When our world meant just you and me,
Those were the days without worry and stress,
Time spent in peace and quietness

Let's go back to the morning dew,
To the beginning when everything was new,
Laughing together would made my day,
In silence you heard what I strived to say

Let's go back to the picturesque evenings,
A coffee, a corner and talks never-ending,
Watching the moon in the starry nights,
When nothing was wrong, just perfect and right

Let's go back to the clear blue sky,
When we gave wings to our thoughts and they flew high,
Let's go back to that musical rain,
Let's just fall in love again